छत वाला कमरा इश्क वाला लव ये कमबख्त मन भी ना, कोई किताब होती तो झट से बंद कर रख देती शेल्फ पर, पर मन तो मन है! नहीं होना बंद, नहीं टंगना शेल्फ पर! त…
Read moreगौतम बुद्ध की डायरी ग्रीष्म ऋतु आ गई है। आज से अगले चार महीनों तक मैं अपने जलमहल में रहूँगा। मुझे यहाँ रहना बहुत पसंद है। इस महल में हर तरफ़ पानी के…
Read moreगैर मुल्की लड़की वह गैर-मुल्की लड़की, जो खीरी जिला लखीमपुर से आयी या यों कहिए कि विवाह के लिए लायी गयी थी, महीनों से यहां पड़ी थी और संख्त बोर हो रह…
Read moreगुलामी की गांठ सिर्फ १५ दिन शेष हैं ‘हिन्दी दिवस’ में... उस मध्यमवर्गीय, लगभग दो हज़ार रहवासियों वाली सोसाइटी में सुरक्षा कर्मियों की गतिविधि बढ़ गई…
Read moreगुलाबी हाथी उनसे पहले उनका सामान आया था...दो कुलियों के साथ...एक बड़ा सूटकेस, वी .आई .पी। एक मीडियम स्काए बैग जिसके हत्थे पर लगे लेबल हाल ही की किसी…
Read moreगुजरा हुआ जमाना छाया ने उसके घर के दरवाजे पर दस्तकें भी नहीं दी। वह आँगन से ही लौटने लगी। आँगन में मार्च की शाम का आखिरी उजाला भी सिमट रहा था। तुलसी…
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